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वक़ीलों ने भरी सरकार के खिलाफ हुंकार बड़े आंदोलन की चेतावनी

तस्लीम अहमद

रुड़की में अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर सैंकड़ो अधिवक्ताओं ने जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और एक ज्ञापन जोइन्ट मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधामंत्री को सोंपा। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मोदी सरकार ने 2014 में अधिवक्ताओं के उत्थान के लिए जो वादे किए थे वो आज तक पूरे नहीं हो पाए। वही सदस्य बार कौंसिल उत्तराखंड राव मुनफैत ने कहा कि नए अधिवक्ताओं को दस हज़ार वेतन और सीनियर अधिवक्ताओं को पचास हज़ार पेंशन, कम ब्याज दर पर ऋण, आकस्मिक अधिवक्ता की मौत पर पचास लाख की तुरंत आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए । रुड़की एडवोकेट एशोसिएशन के सैंकडो अधिवक्ताओं ने ज़ोरदार नारेबाजी करते हुए रामनगर कोर्ट से जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय तक रैली निकाली और रुड़की तहसील में पहुंच कर जॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़की नितिका खंडेलवाल को ज्ञापन सौंपा।गौरतलब है कि एक दिन पहले भी वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया था ।अधिवक्ताओं की हड़ताल से कोर्ट में आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । इस दौरान रुड़की एडवोकेट एशोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी लल्लू सिंह दिनेश धीमान नीलम खेमचंद तिवारी सीमा देवी राजकुमार सैनी चौधरी राहुल कुमार चौधरी यशपाल सिंह कमलेश राणा विनोद कुमार चौहान विपुल वालिया महबूब अली सलीम अंसारी अतुल शर्मा रमेश चंद जावेद अख्तर नवेद आलम राव बिलावर आदि सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे

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