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एंटी फंगल थैरेपी शुरु की जाए तो संक्रमण को फैलने से बचाया जा सकता है – डॉक्टर विशाल

कोरोना मरीजो को एक और खतरनाक बीमारी घेर रही है लेकिन ये बेहद खतरनाक बीमारी है। देहरादून में स्थित अपेक्स सुपरस्पेशलिटी आई केयर के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर विशाल शर्मा( ऑक्लोपलास्टी एंड आई कैंसर विशेषज्ञ) से जानकारी लेने पर पता चला कि ब्लैक फंगस जिसे म्यूकर माइकोसिस भी कहा जाता है इसका अगर समय से पता न चले तो आंखो की रोशनी भी का सकती हैै और यदि ये दिमाग या फेफड़ों में फ़ैल जाए तो जानलेवा भी हो सकता है। यह इंफेक्शन नाक से शुरु होता है जो धीरे धीरे आंखो और दिमाग तक फ़ैल जाता है।
डॉक्टर विशाल शर्मा द्वारा देहरादून में ब्लैक फंगस के दो मामलों में सर्जरी की जा चुकी है। जिसमे दिमाग में इंफेक्शन को फैलने से रोकने के लिए मरीज की आंख निकालनी पड़ी।ब्लैक फंगस डायबिटीज से ग्रस्त कोरोना मरीजों, लो इम्युनिटी और स्टेरॉइड्स के गलत इस्तेमाल से ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टर शर्मा के द्वारा दी गई जानकारी में यह भी बताया गया कि अगर किसी मरीज को आंखों में दर्द, अचानक नजर कमजोर होना,सर मे दर्द,खांसी होना या खांसी में खून आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरन्त डाॅक्टर से संपर्क करें।ऐसे मरीजों की तत्काल बायोप्सी करवा कर एंटी फंगल थैरेपी शुरु की जाए तो संक्रमण को फैलने से बचाया जा सकता है।

डॉ विशाल शर्मा
+91 70179 13729

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