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फिर जख्म हरेः आपदा की भेंट चढ़ा दो माह पहले बनाया गया झूला पुल

चमोली। बीती सात फरवरी को चमोली जिले के तपोवन में आई आपदा के बाद भंग्युल गांव के लोगों के जख्म भरे भी नहीं थे कि गुरुवार रात वह मंजर एक बार फिर सामने आ गया। गुरुवार रात फिर धौली गंगा का जलस्तर बढ़ने से भंग्युल गांव का संपर्क देश दुनिया से टूट गया है।
बात दें कि बीती सात फरवरी को धौलीगंगा में आई बाढ़ के कारण भंग्युल गांव को जोड़ने वाला ये पुल बह गया था। जिसे लोक निर्माण विभाग द्वारा दो माह पहले ही बनाया गया था। इस गांव में जोड़ने वाला यह एक मात्र पुल था। जानकारी के अनुसार मलारी घाटी के तपोवन-रैणी क्षेत्र में धौली गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से भंग्यूल स्थित झूलापुल का एबेटमेंट बहने से उसका एक हिस्सा लटक गया है। साथ ही खौफजदा ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। बीती सात फरवरी को ऋषिगंगा व धौलीगंगा नदी में आए सैलाब में भंग्यूल झूलापुल बह गया है। तब उसकी जगह दो माह पूर्व इस लोनिवि ने नए झूलापुल का निर्माण किया था।
बताया गया कि दो दिन से हो रही भारी बारिश के बाद मलारी घाटी में धौली गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसी के चलते गुरुवार को झूलापुल के एक ओर का एबेटमेंट बह गया। इससे भंग्यूल समेत तीन गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि भंग्यूल झूलापुल के नदी के कटाव से क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। मौके पर प्रशासन की टीम भेजी जा रही है।

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