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जनता है बेहाल लेकिन केंद्र मदमस्त है-सचिन पायलट

जनता है बेहाल लेकिन केंद्र मदमस्त है-सचिन पायलट

देहरादून। महंगाई के मुद्दे पर कॉन्ग्रेस लगातार केंद्र सरकार को घेरने में जुटी है। सभी प्रदेशों में कांग्रेस के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे पर जनता को केंद्र की कमियां और खामियां गिना रहे हैं। इसी मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट राजधानी देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर हमलावर हुए।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों के बढ़ने से इसका भार आम जनता पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ हम सड़क पर उतरेंगे और विपक्ष में होने चलते यह हमारी जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमत घट रही है जबकि मोदी सरकार इसकी कीमत लगातार बढ़ा रही है। जनप्रिय सरकार जनता के हित में फैसला लेती है, लेकिन यह सरकार जनता के विपरीत फैसला ले रही है।

सचिन पायलट ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में केंद्र नाकाम रही। जिससे देश में हज़ारों-लाखों लोगों की मौत ऑक्सीजन, दवाई की कमी, बेड की कमी के कारण हुई।

उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता मनमोहन सरकार के कुछ पैसे डीजल-पेट्रोल दाम बढ़ने पर हंगामा मचाते थे। पिछले 1 साल में 66 बार पेटोलियम पदार्थ के दाम बढ़े। 7 साल में ये सरकार हर मोर्चे पर नाकाम है। डीजल-पेट्रोल की कीमत 100 के पर है, जिसकी कल्पना भी नहीं कि जा सकती थी। डीज़ल पेट्रोल बढ़ने का असर सभी चीजों पर पड़ता है। सारी चीजों की कीमत बढ़ जाती है।

सचिन पायलट के बयान के मुख्य बिंदु:-

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