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CHAMOLI: 46 हुए सुरक्षित रेस्क्यू, राहत एवं बचाव कार्य समाप्त

चमोली: उत्तराखण्ड के चमोली जिले में माणा में हिमस्खलन की चपेट में आए श्रमिकों को बचाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य रविवार को समाप्त हो गया।  युद्धस्तर पर चले इस रेस्क्यू अभियान में 46 श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि 8 श्रमिकों के शव बरामद हुए हैं। 

हादसे के बाद अब तक 8 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 46 श्रमिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 2 श्रमिकों का एम्स ऋषिकेश में इलाज चल रहा है, अन्य 44 मजदूरों को ज्योतिर्मठ स्थित सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुरक्षित निकले मजदूरों का कहना है कि सेना की टीम उनके लिए देवदूत बनकर आई।

हिमस्खलन के तीसरे दिन, सुबह से ही 4 लापता मजदूरों को तलाश करने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। इस अभियान में वायुसेना और अन्य सुरक्षा बलों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राहत कार्यों के लिए MI 17 हेलीकॉप्टर, तीन चीता हेलीकॉप्टर और राज्य सरकार के दो हेलीकॉप्टर तैनात किए गए। एम्स ऋषिकेश से एक एयर एंबुलेंस भी घायलों के इलाज के लिए तैनात रही। रेस्क्यू ऑपरेशन में ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार, विक्टिम लोकेटिंग और थर्मल इमेजिंग कैमरा से सर्चिंग में मदद ली गई और डॉग स्क्वाड जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया। NDRF, SDRF और सेना के जवानों ने अपनी जान पर खेलकर ये रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया।

मृतकों के नाम 

मोहिंदर पाल, हिमाचल। हरमेश चंद, हिमाचल प्रदेश।जितेंद्र सिंह, उत्तर प्रदेश। अशोक, उत्तर प्रदेश। आलोक यादव, उत्तर प्रदेश। मंजीत यादव, उत्तर प्रदेश। अनिल कुमार, उत्तराखंड। अरविंद कुमार सिंह, उत्तराखंड।

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