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आरोप: नहर किनारे लगे पेड़ काटने वालो पर वन विभाग कर्मचारी मेहरबान,अधिकारियों पर FIR की मांग

डेस्क। पिपलिया वन चैक पोस्ट से लगभग 300 मीटर की दुरी पर जमकर कर रहे शीशम, सेमल व अन्य प्रजाति के विशाल पेड़ की चोरी जिसकी कीमत लाखों मे है, फायदा लकड़ी चोर गिरोह के सदस्यों ने दिन दहाड़े बेशकीमती पेड़ों पर चलाई आरी और दिन मे ही पेड़ गायब हो रहे हैं।

गिरोह द्वारा किच्छा क्षेत्र के ग्राम हसनपुर में सिचाई विभाग की नहर के किनारे से लाखों रुपये की लकड़ी काटी गई है। लेकिन वन विभाग के कर्मचारी आखे मूंदे बैठे है। यह आरोप समाज सेवी अंकित कुमार प्रदेश अध्यक्ष लोक मानव विकास समाज कल्याण समिति ने वन कर्मचारियों पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जाच करवाकर दोषी कर्मचारियो के खिलाफ कार्रवाई की माग की है।

DFO और सिंचाई विभाग के एक्शन को दिए गए पत्र मे अवगत कराते हुए उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि जिस प्रकार वन अधिकारी लकड़ी चोरी की चोरो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने से कन्नी काट रहे है तो चोरो से बची हुई खेत मे पड़ी पेड़ो को वन विभाग अधिकारी क्यू उठाकर ले गई, क्यू नहीं सिचाई विभाग को मौक पर सूचित किया गया।

जानकारी के अनुसार लकड़ी चोर गिरोह द्वारा कई शीशम, सेमल व अन्य कीमती वृक्षों को काटा गया है और सबूत को मिटाने के लिए उसकी जड़ों को झाड़ियों से ढककर पहचान मिटाने का प्रयास किया गया है। यहीं नहीं पेड़ काटकर लकडी चोरी की गई है, लेकिन इसे वन कर्मचारियों की मिलीभगत कहे या अनदेखी कि उन्हे पता होते हुए भी इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे, और उक्त मामले को सिचाई विभाग का क्षेत्र बताकर अपनी कन्नी काट रहे है।

अंकित कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा की वन विभाग के लापरवाह कर्मचारियों द्वारा और खेत स्वामी की मिली भगति से हुई है चोरी, अगर खेत स्वामी रास्ता न देता तो सरकार को लाखो का चुना नहीं लगता, कहा की वन कर्मचारियों द्वारा सिचाई विभाग का बताकर मामलें को रफा-दफा कर दिया। वन विभाग के उच्च अधिकारीयों द्वारा वन विभाग कर्मचारियों को हौसला अफजाई की है, और चोरो को बचाने का काम किया है। लोक मानव विकास समाज कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष अंकित कुमार ने तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु बागरी एवं अधिशासी अभियंता, सिचाई विभाग रुद्रपुर से लाखों की लकड़ी चोरी करने वाले गिरोह और उनको संरक्षण देने मे लिप्त वन स्टाफ एवं खेत स्वामी के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज की मांग की है।

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