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चंपावत: ऑपरेशन मुक्ति से गरीब बच्चों को मिली शिक्षा, पुलिस ने कराया दाखिला

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ऑपरेशन मुक्ति: चंपावत पुलिस ने आर्थिक रूप से कमजोर 10 बच्चों को दिलाया स्कूल में दाखिला

चंपावत: चंपावत पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन मुक्ति अभियान के तहत आज आर्थिक रूप से कमजोर 10 बच्चों को जनपद के विभिन्न स्कूलों में दाखिला दिलाया गया। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) उत्तराखण्ड के आदेशानुसार प्रदेश भर में चल रहे इस दो महीने के अभियान का उद्देश्य भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को शिक्षा दिलाना है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक चंपावत अजय गणपति के दिशा निर्देशन, पुलिस उपाधीक्षक शिवराज सिंह राणा (नोडल अधिकारी एएचटीयू) के पर्यवेक्षण और प्रभारी एएचटीयू इन्दजीत के नेतृत्व में ऑपरेशन मुक्ति टीम शारदा बैराज बनबसा द्वारा यह कार्रवाई की गई। टीम ने यूनिट क्षेत्रांतर्गत प्राथमिक विद्यालय चंदनी बनबसा, प्राथमिक विद्यालय भजनपुर, प्राथमिक विद्यालय स्ट्रांग फॉर्म गुदमी, पूर्णागिरि राजकीय इंटर कॉलेज भजनपुर और राजकीय इंटर कॉलेज शारदा बैराज बनबसा में चिन्हित बच्चों का दाखिला कराया।

बताया गया कि इन बच्चों का कुछ दिन पहले सत्यापन किया गया था और इनके परिजन मजदूरी करते हैं। शिक्षा के प्रति जागरूक न होने के कारण इन परिवारों को ऑपरेशन मुक्ति अभियान के तहत शिक्षा के महत्व के बारे में बताया गया और बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए प्रेरित किया गया। जिसके परिणामस्वरूप, आज बच्चों के माता-पिता स्वयं स्कूल आकर अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए सहमत हुए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अभियान के दौरान तीन बच्चों के परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण प्रभारी एएचटीयू इंद्रजीत के नेतृत्व में यूनिट के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी सहयोग से तीन बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, पेन, पेंसिल, जूते और स्कूल यूनिफॉर्म प्रदान किए। परिजनों ने इस सहयोग के लिए उत्तराखंड पुलिस को धन्यवाद दिया। स्कूल के प्रधानाचार्यों और अध्यापकों ने भी उत्तराखंड पुलिस के ऑपरेशन मुक्ति अभियान की सराहना की है।

गौरतलब है कि इस अभियान के तहत अब तक कुल 43 छात्र-छात्राओं का स्कूलों में दाखिला कराया जा चुका है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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