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पिथौरागढ़ की पहली रात्रि चौपाल: SP रेखा यादव ने गांव में बिताई रात, सुनी समस्याएँ, किया जागरूक

आप को बता दे

पिथौरागढ़ पुलिस कप्तान की अनोखी पहल, ग्रामीण क्षेत्र में रात्रि चौपाल का आयोजन

लोगों से किया संवाद, समस्याओं और सुझावों पर की चर्चा

ग्रामीणों के साथ किया रात्रि भोजन, पहाड़ी व्यंजनों का लिया स्वाद

लोगों को साइबर अपराधों, महिला अपराधों, नशे के दुष्परिणामों आदि के सम्बन्ध में किया जागरूक

पिथौरागढ़ जिले की पुलिस अधीक्षक, रेखा यादव ने एक अनोखी पहल के तहत जनपद के दूरदराज गांव झूणी मलान में रात्रि चौपाल का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और सुझावों पर गहरी चर्चा की और समाधान का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने खुशी जताई कि यह पहली बार था जब उनके गांव में किसी एसपी ने रात्रि चौपाल का आयोजन किया था। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को विभिन्न अपराधों के प्रति जागरूक किया और पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने साइबर अपराधों, महिला अपराधों, नशे के दुष्परिणामों, सड़क सुरक्षा, बाल अपराध, मानव तस्करी, और डिजिटल स्कैम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। खासकर आगामी यात्रा सीजन को ध्यान में रखते हुए यात्रियों के साथ धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने के लिए साइबर अपराधों से संबंधित जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। एसपी ने स्थानीय निवासियों को फर्जी यात्रा वेबसाइट्स, होटल बुकिंग धोखाधड़ी और हेली बुकिंग धोखाधड़ी के बारे में चेतावनी दी और उन्हें ओटीपी को किसी के साथ भी साझा न करने की सलाह दी।


पुलिस अधीक्षक ने ‘गुड समेरिटन’ बनने की महत्ता पर भी प्रकाश डाला, खासकर सड़क दुर्घटनाओं के मामले में। उन्होंने स्थानीय निवासियों को यातायात नियमों के पालन और दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों के बारे में बताया।
रात्रि चौपाल के बाद, पुलिस अधीक्षक और उनके अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ रात्रि भोजन किया, जिसमें स्थानीय पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद लिया। पुलिस अधीक्षक की इस पहल को ग्रामीणों ने सराहा और बताया कि यह कार्यक्रम उनके लिए बहुत उत्साहजनक था।
इस कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक गोविन्द बल्लभ जोशी, एसओ जाजरदेवल प्रकाश चन्द्र पाण्डे, निरीक्षक अभिसूचना श्री रोहित जोशी सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी मौजूद थे।
यह पहल पुलिस विभाग द्वारा ग्रामीण समुदाय के साथ विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए की गई थी, ताकि वे अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक हों।

 

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