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DEHRADUN: मुख्यमंत्री की प्रेरणा से दूरस्थ क्षेत्रों में जिलाधिकारी की सक्रियता, जनसमस्याओं का मौके पर हो रहा समाधान

जनसेवा प्रशासन की पहली जिम्मेदारी: सविन बंसल 

लाखामण्डल (देहरादून), 15 मई: मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना में जिलाधिकारी सविन बंसल का दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों का भ्रमण अब जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन गया है। यह भ्रमण मात्र प्रशासनिक दौरा नहीं, बल्कि जनता के विश्वास को मज़बूती देने वाला पहल भी है।

लाखामण्डल में दो दिवसीय शिविर का आयोजन
लाखामण्डल क्षेत्र में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में डीएम स्वयं मौजूद रहे। जनता की मांग पर आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने के लिए दो दिवसीय आधार टीम तैनात की गई। अब तक 55 से अधिक लोगों के आधार बनाए जा चुके हैं।

जनसमस्याओं पर त्वरित कार्यवाही
शिविर में आए फरियादियों की शिकायतों पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।

बुजुर्ग पिताम्बर की बगीचे को नुकसान की शिकायत पर डीएम ने PWD और उद्यान विभाग को 7 दिन में नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट देने को कहा।

बचन सिंह राणा की मछली तालाब रिपोर्ट को लेकर शिकायत पर मत्स्य विभाग के अधिकारियों को तलब कर तत्काल रिपोर्ट मांगी गई।

जगत सिंह पंवार की लाखामण्डल-नाड़ा मोटर मार्ग पर मलबा सफाई न होने की शिकायत पर संयुक्त मजिस्ट्रेट को मौके पर निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

सड़क और सिंचाई व्यवस्था पर भी निर्देश

लाखामण्डल-पड़िया 10 किमी लंबी सिंचाई नहर की मरम्मत हेतु नाबार्ड से प्रस्तावित धनराशि से कार्य कराने के निर्देश दिए।

1962 राज्य हाईवे पर 35 वर्षों से डामरीकरण न होने पर डीएम ने अधीक्षण अभियंता को सचिव को पत्राचार कर कार्यवाही तेज करने को कहा।

शिविर में 591 से अधिक लोगों को मिला लाभ

स्वास्थ्य सेवा: 495 स्वास्थ्य जांच, 183 नजर के चश्मे, मुफ्त दवाइयाँ, यूनानी-आयुर्वेदिक चिकित्सा

प्रमाणपत्र: 12 पेंशन प्रमाणपत्र, 10 आय प्रमाणपत्र, 1 दिव्यांग प्रमाणपत्र

योजनाओं का लाभ:

15 आयुष्मान कार्ड,

30 वृद्धजन सहायक उपकरण,

61 पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी,

25 पशुपालकों को दवा वितरण,

30 श्रमिकों के श्रम कार्ड पंजीकरण,

54 युवाओं की करियर काउंसलिंग

06 महालक्ष्मी, 12 किशोरी, 09 बेबी किट का वितरण

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि “प्रशासन का कार्य सिर्फ कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता के दरवाजे तक पहुंचना ज़रूरी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे शिविर आगे भी अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे।

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