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DEHRADUN: अल्ट्रासाउंड का उपयोग केवल उपचार तक सीमित रहे: बंसल

सहसपुर ब्लॉक में Sex Ratio की स्थिति चिंताजनक, सोशल ऑडिट के निर्देश

अनियमित केंद्रों की बिना नोटिस सीधी की जाएगी मान्यता रद्द।

देहरादून, 4 मई – जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि जिले में अल्ट्रासाउंड तकनीक का उपयोग केवल चिकित्सा उपचार तक सीमित रहना चाहिए। भ्रूण लिंग जांच जैसे अनैतिक कार्यों में लिप्त केंद्रों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह बात कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) सलाहकार समिति की बैठक में कही।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले और समय से नवीनीकरण आवेदन न करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों की मान्यता बिना किसी नोटिस के तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाए।

उन्होंने कहा कि जिले में तकनीक का उपयोग केवल जनहित में होना चाहिए, और अनैतिक गतिविधियों के लिए किसी भी तरह की सहमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ऐसे तत्वों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगा।

डीएम ने निर्देश दिए कि सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर निम्नलिखित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन हो:

अग्निशमन (फायर सेफ्टी) उपकरणों की स्थापना।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त वैध प्रमाण पत्र।

भवन नक्शे की स्वीकृति।

इन मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि क्षेत्रवार रोस्टर बनाकर नियमित निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण दल में संबंधित उप जिलाधिकारी (एसडीएम) और पुलिस अधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल हों।

सेक्स रेशियो के आंकड़ों की समीक्षा के दौरान सहसपुर ब्लॉक में लिंगानुपात अन्य ब्लॉकों की तुलना में काफी कम पाया गया। इस पर डीएम ने सहसपुर ब्लॉक में सामाजिक ऑडिट कराने के निर्देश दिए, जिसमें एसीएमओ, महिला चिकित्सक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।

इस बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार, एसडीएम सदर हरिगिरि, जेडी लॉ जीसी पंचौली, डीजीसी जीपी रतूड़ी, वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट डॉ. जेपी नौटियाल, डॉ. निखिल कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, डॉ. ममता बहुगुणा सहित अन्य अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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