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अहमदाबाद विमान हादसा: देश का सबसे बड़ा हवाई त्रासदी, 265 लोगों की मौत, एक शख्स चमत्कारिक रूप से बचा

अहमदाबाद विमान हादसा: देश का सबसे बड़ा हवाई त्रासदी, 265 लोगों की मौत, एक शख्स चमत्कारिक रूप से बचा

अहमदाबाद, 13 जून 2025/ गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून की दोपहर देश के इतिहास का सबसे भीषण विमान हादसा हुआ। सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गई। हादसे में कुल 265 लोगों की मौत हो गई है, जबकि एक व्यक्ति चमत्कारिक रूप से जीवित बच गया है।

हादसे का समय दोपहर 1:38 का था, जब एयर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान उड़ान भरने के मात्र दो मिनट बाद 1:40 पर अहमदाबाद के मेघाणी नगर क्षेत्र के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान एयरपोर्ट की सीमा भी पार नहीं कर पाया और टेक-ऑफ के कुछ ही पलों में आग की लपटों में घिर गया। विमान में कुल 242 लोग सवार थे—230 यात्री और 12 क्रू मेंबर।

चमत्कारी बचाव: रमेश विश्वास कुमार

इस त्रासदी में केवल एक यात्री—रमेश विश्वास कुमार—जीवित बच पाए। 40 वर्षीय रमेश भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं और सीट संख्या 11A पर बैठे थे। उन्होंने बताया कि टेक-ऑफ के 30 सेकंड बाद जोरदार धमाका हुआ और विमान आग की लपटों में घिर गया। उन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

हादसे में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की भी मौत

इस विमान दुर्घटना में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की भी दुखद मृत्यु हो गई है। उनकी मृत्यु की पुष्टि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल और सांसद संबित पात्रा ने की। रुपाणी दो बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे थे और वर्तमान में पंजाब और चंडीगढ़ भाजपा के प्रभारी थे।

विमान में सवार यात्री

इस विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक सवार थे। हादसे के बाद सिविल अस्पताल में 265 शव लाए गए हैं।

तापमान और ईंधन बना मौत का कारण

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन था, जिससे टक्कर के बाद इतना अधिक तापमान उत्पन्न हुआ कि रेस्क्यू बेहद कठिन हो गया। उन्होंने बताया कि मरने वालों की पहचान डीएनए परीक्षण के माध्यम से की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट तीन दिनों में आने की संभावना है।

पीएम, राष्ट्रपति और अन्य नेताओं ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे को “शब्दों से परे दुखद” बताते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस हादसे में दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी और पूर्व मुख्यमंत्री रुपाणी को जनसेवा के लिए समर्पित नेता बताया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित देशभर के नेताओं ने हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है।

टाटा ग्रुप देगा मुआवजा

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने घोषणा की है कि मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। घायलों का पूरा उपचार टाटा ग्रुप की ओर से किया जाएगा। साथ ही, दुर्घटना में क्षतिग्रस्त बी.जे. मेडिकल कॉलेज हॉस्टल का पुनर्निर्माण भी टाटा ग्रुप करवाएगा।

निष्पक्ष जांच के आदेश

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापू ने हादसे की निष्पक्ष और गहन जांच के आदेश दिए हैं। जांच के माध्यम से दुर्घटना के तकनीकी और मानवीय कारणों का पता लगाया जाएगा।

यह हादसा देश के विमानन इतिहास का सबसे दुखद अध्याय बन गया है, जिसने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है। सरकार और प्रशासन हर संभव सहायता देने में जुटे हैं।

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