देहरादून — जिलाधिकारी सविन बंसल ने मंगलवार को ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम जनता को पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने संबंधित पंजीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण में कोई बैकलॉग नहीं होना चाहिए। यदि मानव संसाधन की कमी है, तो उसकी मांग शीघ्रता से की जाए।
उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को निर्देशित किया कि प्रत्येक मृत्यु के लिए एमसीसीडी (मेडिकल सर्टिफिकेशन ऑफ कॉज ऑफ डेथ) फॉर्म भरना अनिवार्य किया जाए और इसके लिए सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों को दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
इसके अतिरिक्त, निजी अस्पतालों और एएनएम उपकेंद्रों को निर्देशित किया गया है कि वे जन्म और मृत्यु की जानकारी संबंधित स्थानीय रजिस्ट्रार को समय से उपलब्ध कराएं। इसके लिए सीआरएस पोर्टल (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम) की इनफॉर्मेंट आईडी अनिवार्य रूप से जारी की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पुरानी अपंजीकृत घटनाओं को भी सीआरएस पोर्टल पर पंजीकृत किया जाना अनिवार्य है। विगत दो माह के दौरान जिन इकाइयों का प्रदर्शन असंतोषजनक रहा है, उनके विरुद्ध अर्थदंड और आरबीडी अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
जनसुविधा के लिए उठाए गए कदम:
प्रत्येक विकासखंड कार्यालय में ग्राम पंचायतों के स्थानीय रजिस्ट्रारों के नाम, पता एवं मोबाइल नंबर की सूची स्थायी रूप से नोटिस बोर्ड एवं एनआईसी वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।
सभी निजी अस्पतालों में भी स्थानीय रजिस्ट्रारों की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार, डॉ. नरेंद्र कुमार समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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