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उत्तराखंड के शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगारों की गुहार  फाइल दौड़ रही है, नौकरी नहीं मिल रही!”

उत्तराखंड में शारीरिक शिक्षकों की बहाली को लेकर लंबे समय से इंतज़ार कर रहे प्रशिक्षित बेरोजगारों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन उत्तराखंड के बैनर तले बेरोजगारों ने प्रदेश सरकार से एक बार फिर मांग की है कि फाइल संख्या 77006, जो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ी है, उसे अब और “दौड़ाया” न जाए, बल्कि सीधे कैबिनेट में पेश कर फैसले की मुहर लगाई जाए।

शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत से आज बेरोजगार शिक्षकों ने बात की और ज्ञापन भी दिया मंत्री ने उन्हें आश्वासन भी दिया कि जल्दी उनकी फाइल कैबिनेट में लाई जाएगी और सभी को नियुक्ति भी मिलेगी

प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चन्द्र पाण्डेय ने शिक्षा मंत्री को भेजे अपने पत्र में साफ कहा है कि यह फाइल पिछले दो वर्षों से विभाग दर विभाग चक्कर काट रही है, लेकिन नौकरी का कोई अता-पता नहीं है। वित्त विभाग की बार-बार की आपत्तियों ने बेरोजगारों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब योग, खेल और स्वास्थ्य पर सरकार इतनी बातें करती है, तो फिर शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति में इतनी देरी क्यों

बेरोजगार युवाओं का कहना है कि अब कसरत करने की उम्र नहीं, नौकरी करने की उम्र है!
उनका कहना है कि अगर सरकार वाकई “स्वस्थ उत्तराखंड – सशक्त उत्तराखंड” का सपना देख रही है, तो पहले स्कूलों में खेल और स्वास्थ्य के लिए प्रशिक्षित अध्यापक देने होंगे।

संगठन की मांग:
शिक्षा मंत्री तत्काल शिक्षा सचिव को निर्देश दें कि फाइल संख्या 77006 को कैबिनेट में रखवाया जाए, ताकि फैसला हो और युवाओं को रोजगार का मौका मिले।

 

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