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उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: बदरीनाथ में बारिश, हेमकुंड साहिब में बर्फबारी, श्रद्धालुओं की आस्था अडिग

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: बदरीनाथ में बारिश, हेमकुंड साहिब में बर्फबारी, श्रद्धालुओं की आस्था अडिग

The Mountain Stories डेस्क

1 जून / उत्तराखंड में आज दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर करीब तीन बजे बदरीनाथ धाम में तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे क्षेत्र में ठंडक बढ़ गई। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। छाता और रेनकोट पहनकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और दर्शन किए।

वहीं, सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब सहित नंदा घुंघटी, नीती और माणा घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई। हेमकुंड साहिब में करीब 6 इंच तक नई बर्फ जम चुकी है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। क्षेत्र में शीतलहर का असर बना हुआ है।

हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। आज यानी 1 जून को 2195 श्रद्धालु दरबार साहिब पहुंचे और मत्था टेका। अब तक करीब 17,500 से अधिक सिख तीर्थयात्री इस पवित्र स्थल के दर्शन कर चुके हैं। मौसम की सर्दी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम इसी तरह बदला-बदला रह सकता है। विभाग के अनुसार, इस बार उत्तराखंड में मानसून 10 जून तक पहुंच सकता है — जो सामान्य से लगभग पांच दिन पहले होगा।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, जून के पहले सप्ताह में प्री-मानसून की अच्छी बारिश देखने को मिलेगी, खासकर पहाड़ी जिलों में। 5 जून के बाद कुछ राहत मिलने की संभावना है, लेकिन इसके बाद मानसून के सक्रिय होते ही प्रदेश में बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है।

इस बार प्रदेश में सामान्य से करीब छह फीसदी अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। सामान्य वर्षा का औसत जहां 87 सेंटीमीटर रहता है, वहीं इस बार यह 108 फीसदी तक जा सकता है।

प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें, गर्म कपड़े साथ रखें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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