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पति की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित कोटे से नौकरी के लिए भटक रही विधवा रेनू को डीएम ने दिलाया न्याय

डीएम के जनहित फैसलों से जनता में बढ़ रहा विश्वास

देहरादून, 14 जुलाई। मुख्यमंत्री की जनसेवा सर्वोपरि की भावना से प्रेरित होकर जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल लगातार जनहित में त्वरित निर्णय ले रहे हैं। इसी क्रम में 7 जुलाई, सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में एक मामला सामने आया जिसने प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता को फिर साबित कर दिया।

दरअसल, जनता दर्शन में विधवा रेनू ने जिलाधिकारी के समक्ष गुहार लगाई। रेनू ने बताया कि उनके पति सुरेन्द्र सिंह नगर निगम देहरादून में नियमित पर्यावरण मित्र के पद पर कार्यरत थे, जिनका निधन 17 अप्रैल 2025 को हो गया। परिवार में दो बेटियां हैं और पति की मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी पाने के लिए रेनू ने नगर निगम में आवेदन भी किया, परंतु कई माह बीत जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए तत्काल नगर निगम अधिकारियों और तहसीलदार को तलब किया। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि जब मृतक आश्रित कोटे का स्पष्ट प्रावधान है, तो रेनू की नियुक्ति में देरी क्यों हो रही है। डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह रेनू का विधिसम्मत अधिकार है। उन्होंने नगर निगम के एमएनए को तत्काल नियुक्ति की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही तहसील से आख्या तत्काल नगर निगम को भेजने के लिए कहा।

इस त्वरित कार्यवाही से रेनू को अब अपने पति की जगह नौकरी मिलने की आस बंध गई है।

जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में देहरादून जिला प्रशासन जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। प्रत्येक सोमवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुँच रहे हैं, जिनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। यही कारण है कि अब केवल राजस्व विभाग से जुड़ी नहीं, बल्कि अन्य विभागों, निजी कंपनियों और संस्थाओं से जुड़ी समस्याएं भी जनता दर्शन में आ रही हैं, जिनका निस्तारण प्राथमिकता पर किया जा रहा है।

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