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कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में शराब की दुकानों पर लगेगा पर्दा, श्रद्धालुओं की आस्था का रखा जाएगा विशेष ध्यान

आगामी कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस वर्ष हरिद्वार जिले में कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली सभी शराब की दुकानों को पर्दों से ढंका जाएगा। यह व्यवस्था कांवड़ यात्रा की अवधि तक लागू रहेगी, जो लगभग 15 दिनों तक चलती है।

आबकारी विभाग के अनुसार, हरिद्वार जिले में कांवड़ रूट पर लगभग 50 देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानें आती हैं। इन सभी दुकानों पर न केवल पर्दा डाला जाएगा, बल्कि आसपास लगे शराब से संबंधित साइनबोर्ड और विज्ञापनों को भी ढकने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस न पहुंचे और किसी तरह की सामाजिक या सांप्रदायिक टकराव की स्थिति उत्पन्न न हो।

विभाग ने यह भी माना है कि इस फैसले से शराब बिक्री में गिरावट आने की संभावना है, जिससे उन्हें राजस्व में कुछ हद तक नुकसान हो सकता है। हालांकि, प्रशासन का मानना है कि जनभावनाओं और सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस संबंध में आबकारी विभाग द्वारा राजस्व नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

हरिद्वार के कांवड़ मेला क्षेत्र में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में कांवड़िए आते हैं। श्रद्धालु हरिद्वार से गंगा जल भरकर अपने-अपने शहरों में शिवलिंगों का अभिषेक करते हैं। ऐसे में प्रशासन हर स्तर पर उनकी सुरक्षा, सुविधा और धार्मिक संवेदनशीलता का ध्यान रख रहा है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अस्थायी है और केवल कांवड़ यात्रा के दौरान लागू की जाएगी। शराब की दुकानों को पर्दों से ढकने का निर्देश पहले ही जारी किया जा चुका है और संबंधित टीमों को क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

 

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