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केदारनाथ में घोड़ा चलाने वाले अतुल का IIT मद्रास तक का सफर, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

संकल्प के साथ किया गया कार्य असंभव को भी संभव बना सकता है: धामी 

यह समाचार एक अत्यंत प्रेरणादायक उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी यदि संकल्प और परिश्रम हो, तो सफलता अवश्य मिलती है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के अतुल ने जो कर दिखाया है, वह न केवल युवाओं के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक मिसाल है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अतुल से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें शुभकामनाएं देना और सहायता का आश्वासन देना, यह दर्शाता है कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली और संघर्षशील युवाओं के साथ खड़ी है।

मुख्य बिंदु:

अतुल ने केदारनाथ में घोड़े-खच्चर चलाकर अपनी पढ़ाई का खर्च स्वयं उठाया।

कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने IIT मद्रास में चयन प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा: “संकल्प के साथ किया गया कार्य असंभव को भी संभव बना सकता है।”

मुख्यमंत्री ने उन्हें हरसंभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया।

मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने वाला व्यक्ति किसी भी परिस्थिति को मात दे सकता है। अतुल की कहानी राज्य के हज़ारों युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरणा देती है।

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