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उत्तराखंड में जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था सुदृढ़, मुख्य सचिव ने दिए डिजिटलीकरण, जनजागरूकता व फर्जी पोर्टलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

राज्य में जन्म-मृत्यु पंजीकरण को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक।

मुख्य सचिव ने दिए निर्देश।

देहरादून। शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रियाओं, चुनौतियों एवं सुधारात्मक कदमों पर विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण निर्धारित समयसीमा के भीतर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पुराने अभिलेखों का डिजिटलीकरण (डिजीटाईजेशन) कराने और रजिस्ट्रार कार्यालयों के बाहर आवश्यक जानकारी युक्त सूचना पट (Notice Board) लगाने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को पंजीकरण से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।

उन्होंने सभी जिलों में जिलाधिकारी/जिला रजिस्ट्रार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) की बैठक वर्ष में कम-से-कम एक बार अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही, राज्य में फर्जी पोर्टल्स/वेबसाइटों के माध्यम से हो रहे जन्म-मृत्यु पंजीकरण के प्रयासों को रोकने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान और कड़ी कार्यवाही करने पर भी जोर दिया।

बैठक में सचिव रविनाथ रमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, जनगणना निदेशालय की निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव रंजना राजगुरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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