Site icon Memoirs Publishing

UTTARKASHI DISASTER: युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी, अनेक टीमें ग्राउंड ज़ीरो पर जुटीं

देहरादून। उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के मद्देनज़र राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। बुधवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि विभिन्न राहत दल लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए हैं, हालांकि मार्ग अवरुद्ध होने के कारण कई टीमें विभिन्न स्थानों पर फंसी हुई हैं। सड़कों को खोलने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है और जैसे ही मार्ग सुगम होंगे, बचाव टीमें मौके पर पहुंचकर अभियान को और तेज करेंगी।

भटवाड़ी, हर्षिल और पापड़गाड़ क्षेत्रों में सड़कें अवरुद्ध हैं। उत्तरकाशी तक मार्ग खोल दिया गया है, जबकि गंगनानी और लिंचा ब्रिज को क्षति पहुँची है। इन स्थानों पर बैलीब्रिज के माध्यम से यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

मानव संसाधनों की तैनाती:

सेना: राजपुताना राइफल्स के 150 और घातक बटालियन के 12 जवान राहत कार्य में सक्रिय हैं। नेलांग से सेना के 40 जवानों को पैदल रवाना किया गया है, जबकि मेडिकल टीम के 50 जवान टेकला तक पहुंच चुके हैं।

आईटीबीपी: 100 कार्मिक (अधिकारी, डॉक्टर व जवान) पहले से ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद हैं। 130 अतिरिक्त जवानों को घटनास्थल की ओर भेजा गया है।

एसडीआरएफ: 6 जवान धराली में तैनात हैं। 10 जवान सैटेलाइट फोन के साथ भटवाड़ी, 7 लाटा और 7 गंगोत्री में मौजूद हैं। उजैली से ढालवाला बटालियन के 20 जवान रवाना किए गए हैं, जबकि 8 जवानों को सहस्त्रधारा हैलीपैड पर रिजर्व में रखा गया है। डॉग स्क्वायड की 6 टीमें भी उजैली पहुंच चुकी हैं।

एनडीआरएफ: पापड़गाड़ में फंसे 79 जवानों में से 15 को आगे भेजा गया है। 7 जवान गौचर से उत्तरकाशी के लिए रवाना किए गए हैं। 50 और 24 सदस्यीय दो टीमें जौलीग्रांट एयरपोर्ट में स्टैंडबाय पर हैं। 15 जवान सहस्त्रधारा हैलीपैड में भी स्टैंडबाय में हैं।

फायर सर्विस: गंगोत्री की फायर यूनिट के 4 जवान घटनास्थल पर कार्यरत हैं। अन्य जिलों से आई 3 फायर टीमें उत्तरकाशी फायर स्टेशन में अलर्ट मोड पर हैं। एफएसएसओ उत्तरकाशी मार्ग बंद होने के कारण रास्ते में फंसे हुए हैं।

चिकित्सा सुविधाएँ एवं प्रबंधन:

चिकित्सकीय दल: जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी से एक मेडिकल टीम घटनास्थल की ओर रवाना की गई है। दून मेडिकल कॉलेज से 11 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, स्वास्थ्य विभाग के 5 विशेषज्ञों की टीम तथा 10 डॉक्टरों की पोस्टमार्टम टीम स्टैंडबाय पर हैं। मनोचिकित्सकों की एक टीम भी घटनास्थल के लिए भेजी जा रही है।

एम्बुलेंस एवं अस्पताल व्यवस्था: कुल 25 एम्बुलेंस तैयार की गई हैं, जिनमें से 10 को स्टैंडबाय में रखा गया है। भटवाड़ी, चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी, देहरादून, दून मेडिकल कॉलेज और एम्स ऋषिकेश में 65 ICU बेड तथा 270 सामान्य बेड आरक्षित किए गए हैं।

विशेष मेडिकल टीम: शाम लगभग 5 बजे एक 4 सदस्यीय टीम हर्षिल पहुंच गई है, जिसमें सर्जन, गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट और एक वरिष्ठ स्थानीय चिकित्सक शामिल हैं।

Share this content:

Exit mobile version