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हिन्दी दिवस -14 सितम्बर: मुख्यमंत्री धामी ने दी हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिन्दी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि हिन्दी हमारी सांस्कृतिक भावनाओं, आकांक्षाओं और आदर्शों की प्रतीक भाषा है, जो हमें अपनी परंपराओं और विरासत से जोड़ती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश की भाषा उसकी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने का माध्यम होती है। हिन्दी केवल संवाद का साधन भर नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और अस्मिता की पहचान है। यह देश की एकता और अखंडता को मजबूती प्रदान करती है तथा विविधता से भरे समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती है।

उन्होंने कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्र की आत्मा है, जिसने समाज को जोड़ा और सभ्यता को समृद्ध किया है। सहजता, सरलता और सामर्थ्य से परिपूर्ण हिन्दी में समन्वय की अद्भुत क्षमता है। आज हिन्दी विश्व पटल पर भारत को विशेष पहचान दिला रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा वैश्विक मंचों पर हिन्दी का प्रयोग और ‘मन की बात’ जैसे कार्यक्रमों में हिन्दी का उपयोग करने से हिन्दी को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में हिन्दी का अध्ययन किया जा रहा है और यह भाषा समाज में जागरूकता लाने का एक सशक्त माध्यम बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक हिन्दी ने सामाजिक चेतना और जनजागरण में अहम भूमिका निभाई है। संघर्ष के दौर में यह देशवासियों को एक सूत्र में बांधने वाली भाषा बनी और आज भी यह परंपराओं और मूल्यों का सतत अनुष्ठान है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हिन्दी के उत्थान और प्रोत्साहन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे हिन्दी के गौरव को बनाए रखने के लिए सहयोगी बनें और अपने दैनिक जीवन में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लें।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हिन्दी भारत ही नहीं बल्कि विश्व की लोकप्रियतम भाषाओं में से एक है। यह हमारे बीच सांस्कृतिक सेतु का कार्य करती है और देश की विविध भाषाओं के बीच सामंजस्य स्थापित करने की अद्वितीय क्षमता रखती है। हिन्दी का गौरव और सम्मान बनाए रखना हम सभी का दायित्व है।”

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