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धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: ‘महक क्रांति’ नीति को मंजूरी, छह अहम प्रस्ताव पारित

धामी कैबिनेट की बैठक में छह अहम प्रस्ताव पारित, सुगंधित खेती के लिए ‘महक क्रांति’ नीति को मिली मंजूरी

सुगंध क्रांति नीति से 91 हजार किसानों को लाभ

महक क्रांति नीति से उत्तराखंड बनेगा अरोमा हब, किसानों को मिलेगी 80% तक सब्सिडी

रुद्रपुर में पीएम आवास योजना पर 27.85 करोड़ अतिरिक्त व्यय स्वीकृत

सामाजिक कल्याण और शिक्षा सुधार पर जोर

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे बड़ा निर्णय लंबे समय से प्रतीक्षित ‘महक क्रांति (Fragrance Revolution) नीति’ को स्वीकृति देना रहा, जिसका उद्देश्य राज्य में सुगंधित खेती (Aromatic Farming) को बढ़ावा देना है।

बैठक के बाद जानकारी देते हुए अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि इस नीति पर लंबे समय से विचार किया जा रहा था। देहरादून के सेलाकुई स्थित सुगंध पौधा केंद्र (Centre for Aromatic Plants – CAP) द्वारा लगातार हो रहे शोध ने इस दिशा में नई संभावनाएँ खोली हैं। हाल ही में केंद्र ने तीमूर (Zanthoxylum armatum) से एक परफ्यूम तैयार किया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहा था।

इसी उत्साह से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने सुगंधित फसलों को बढ़ावा देने और उत्तराखंड को सुगंधित उत्पादों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बनाने के लक्ष्य के साथ महक क्रांति नीति लागू करने का निर्णय लिया है।

महक क्रांति नीति की मुख्य बातें:

कैबिनेट के अन्य निर्णय:

  1. कारागार विभाग – जेल विभाग के ढांचे में संशोधन को मंजूरी।

  2. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) – रुद्रपुर में 1,872 ईडब्ल्यूएस मकानों के निर्माण पर आए अतिरिक्त ₹27.85 करोड़ व्यय की स्वीकृति।

  3. प्रशासनिक सुधार विभाग24 अधीनस्थ शिल्पी पद और 3 सुधार शाखा पद सृजित किए गए।

  4. शिक्षा विभाग – पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के तहत संचालित 5 शैक्षिक टीवी चैनलों के संचालन हेतु 8 नए पद सृजित। इस संबंध में एनसीईआरटी-सीआईईटी और एससीईआरटी उत्तराखंड के बीच एमओयू भी हुआ। साथ ही, उत्तराखंड प्राथमिक शिक्षा (शिक्षक) सेवा नियमावली 2012 में संशोधन को मंजूरी।

  5. सामाजिक कल्याण विभागदिव्यांग व्यक्ति से विवाह करने पर प्रोत्साहन राशि को ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 किया गया।

इन फैसलों के साथ राज्य सरकार ने किसान हित, शिक्षा सुधार, सामाजिक सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचा विकास की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। साथ ही, उत्तराखंड को सुगंधित खेती की क्रांति में देश का अग्रणी राज्य बनाने की ओर कदम बढ़ाया है।

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