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बागेश्वर में अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम का स्थलीय निरीक्षण

आपदा प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत समीक्षा, शीघ्र केंद्र को भेजी जाएगी रिपोर्ट

बागेश्वर। केंद्र सरकार द्वारा गठित उच्च-स्तरीय अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT) ने सोमवार को जनपद के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर व्यापक क्षति का जायज़ा लिया। टीम ने पौंसारी, बैसानी क्षेत्र और जगथाना मोटर मार्ग सहित कई स्थलों का निरीक्षण कर आपदा से प्रभावित परिवारों व स्थानीय जनजीवन की स्थिति समझी।

इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य आपदा से हुए जन–धन, आधारभूत संरचना, कृषि व स्थानीय आजीविका को पहुँची क्षति का आकलन करना तथा राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना था।

प्रभावित परिवारों से संवाद, राहत प्रयासों की सराहना

टीम के सदस्य दोपहर लगभग चार बजे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हेलीपैड पर पहुँचे, जहाँ से वे सीधे पौंसारी के लिए रवाना हुए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना तथा जिला प्रशासन की ओर से की जा रही राहत एवं पुनर्वास पहल के बारे में जानकारी प्राप्त की।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन के त्वरित राहत कार्यों की सराहना करते हुए सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास की आवश्यकता पर जोर दिया।

विशेषज्ञों की टीम ने लिया विस्तृत आकलन

इस केंद्रीय टीम में नोडल अधिकारी वीरेंद्र कुमार (निदेशक, कृषि मंत्रालय), सुधीर कुमार (अधीक्षण अभियंता, केंद्रीय जल आयोग), शेर बहादुर (अवर सचिव, वित्त मंत्रालय) तथा डॉ. शांतनु सरकार (निदेशक, उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन एंड मैनेजमेंट सेंटर, देहरादून) शामिल थे।

निरीक्षण के दौरान टीम ने सड़कों, पुलों, सार्वजनिक भवनों, बिजली व जल आपूर्ति नेटवर्क, कृषि फसलों, पशुधन और अन्य स्थानीय आजीविका स्रोतों को पहुँची क्षति का विस्तार से मूल्यांकन किया। इसके साथ ही उन्होंने आपदा के समय राहत शिविरों, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सेवाओं, अस्थायी आश्रयों और बचाव कार्यों की स्थिति पर भी जानकारी ली।

कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक

क्षेत्रीय निरीक्षण के उपरांत, केंद्रीय टीम ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशीष भटगांई व अन्य अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आपदा की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों और पुनर्वास योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।

जिलाधिकारी ने ड्रोन फुटेज और छायाचित्रों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर हुई क्षति का वास्तविक दृश्यावलोकन टीम के समक्ष प्रस्तुत किया, जिससे आपदा की गंभीरता और तत्काल आवश्यकताओं का आकलन हो सका।

केंद्र को भेजा जाएगा विस्तृत प्रतिवेदन

टीम ने आश्वासन दिया कि सभी पहलुओं का समग्र अध्ययन कर विस्तृत प्रतिवेदन शीघ्र केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, ताकि प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास एवं विकास के लिए आवश्यक वित्तीय और तकनीकी सहायता समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा सके।

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