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मुख्यमंत्री धामी का ऐलान – नकल माफिया पर कसा जाएगा शिकंजा, युवाओं को मिलेगी पारदर्शी भर्ती

देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक प्रकरण को लेकर युवा संगठनों के बढ़ते आक्रोश के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को राज्य से नकल माफिया को जड़ से खत्म करने का संकल्प दोहराया।

देहरादून में भाजपा की एक अहम संगठनात्मक बैठक को संबोधित करते हुए—जो 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बुलाई गई थी—धामी ने स्पष्ट किया कि “चीटिंग माफिया” को पूरी तरह से नेस्तनाबूद किए बिना राज्य चैन से नहीं बैठेगा। उन्होंने सख़्त शब्दों में कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मंगलवार शाम बेरोजगार संगठन के एक गुट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर अपनी मांगें सौंपी थीं। इस दौरान धामी ने उन्हें त्वरित और उपयुक्त कार्रवाई का आश्वासन दिया और साफ़ कहा कि राज्य के युवाओं के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने सख़्त एंटी-कॉपींग कानून लागू किया है, जिसके चलते राज्य में लगभग 25,000 पदों पर पारदर्शी भर्ती का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ स्वार्थी तत्व इन सुधारों से असंतुष्ट हैं और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

धामी ने कहा, “सरकार निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया में बाधा डालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी। नकल माफिया को कुचलकर दफ़नाया जाएगा। हमारी प्रतिबद्धता है कि योग्यता का बोलबाला हो और योग्य युवाओं को ही अवसर मिले।”

विपक्ष और युवा संगठनों द्वारा जवाबदेही की मांग के बीच धामी के यह तेवर जनता को यह संदेश देने के रूप में देखे जा रहे हैं कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख़्ती से खड़ी है और उत्तराखंड के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

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