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बंशीधर तिवारी ने कहा-आढ़त बाजार का पुनर्विकास व्यापारियों और नागरिकों दोनों के लिए नई राह खोलेगा

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, आढ़त बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बैठक में तय हुआ कि पुराने आढ़त बाजार के मालिक अपनी संपत्तियों को रजिस्ट्री के माध्यम से लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करेंगे और 15 दिन के भीतर पुराने निर्माण को स्वेच्छा से हटाएंगे। भूखंड आवंटन और नकद प्रतिकर प्रक्रिया 3 नवंबर 2025 से समानांतर रूप से शुरू होगी।

बंशीधर तिवारी ने कहा, “आढ़त बाजार का नया रूप देहरादून के लिए मॉडल प्रोजेक्ट साबित होगा। इसमें सभी व्यापारियों को आधुनिक सुविधाओं वाला सम्मानजनक कार्यस्थल मिलेगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवंटित भूखंड का 10 वर्षों तक किसी प्रकार का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित रहेगा।

प्रोजेक्ट के चौड़ीकरण से आम जनमानस को सहारनपुर चौक से प्रिंस चौक तक के जाम से बड़ी राहत मिलेगी। प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह परियोजना देहरादून शहर के सुनियोजित विकास और व्यापारिक पुनर्विकास का उत्कृष्ट उदाहरण होगी।

बैठक में प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, पीडब्ल्यूडी प्रतिनिधि और आढ़त बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे।

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