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एमडीडीए का अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान लगातार जारी

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मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों के खिलाफ चलाया जा रहा सख्त अभियान लगातार जारी है। राजधानी के विकास को व्यवस्थित, सुरक्षित और नियमानुसार बनाए रखने के उद्देश्य से एमडीडीए रोजाना विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और कार्रवाई कर रहा है। अवैध कॉलोनाइज़र और नियमों को दरकिनार कर भूमि का दुरुपयोग कर रहे व्यक्तियों पर कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध और असंगठित विकास न बढ़ सके। एमडीडीए का यह अभियान न केवल शहर के सुनियोजित विकास को दिशा दे रहा है, बल्कि आम नागरिकों के हितों और सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर रहा है। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विकसित नगर, शिमला बाईपास और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए की टीम ने आज भी कार्रवाई जारी रखी। होरोवाला रोड, छरबा, देहरादून में मदन सिंह नेगी द्वारा लगभग 04-05 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग का ध्वस्तीकरण किया गया। टीम में अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल, अमन पाल, सुपरवाइज़र तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।

शेरपुर सेलाकुई में 20 बीघा प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण। बीते दिन बुधवार को प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत शेरपुर सेलाकुई, देहरादून में की जा रही बड़ी अवैध प्लॉटिंग पर भी निर्णायक कार्रवाई हुई। नवीन गुप्ता व अन्य द्वारा लगभग 20 बीघा भूमि में की गई अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता नितेश राणा और सुपरवाइज़र मौके पर उपस्थित रहे तथा संपूर्ण कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान- एमडीडीए का उद्देश्य देहरादून और आसपास के क्षेत्रों को नियोजित तरीके से विकसित करना है। अवैध प्लॉटिंग और निर्माण न केवल शहर के स्वरूप को बिगाड़ते हैं, बल्कि नागरिकों के लिए भविष्य में गंभीर समस्याएँ भी पैदा करते हैं, जैसे मूलभूत सुविधाओं का अभाव, सड़क, बिजली, सीवर और जलापूर्ति की दिक्कतें। इसलिए प्राधिकरण द्वारा किसी भी प्रकार के अनधिकृत विकास को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चाहे मामला छोटा हो या बड़ा, अवैध गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से सीलिंग और ध्वस्तीकरण हो। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और पूरी पारदर्शिता के साथ चलाया जाएगा।

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