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उत्तराखंड में ‘हॉर्टिटूरिज्म’ को बढ़ावा देने की तैयारी, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने ड्रैगन फ्रूट और कीवी की खेती के विस्तार पर दिया बल

सुबे के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उद्यान विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में हॉर्टिटूरिज्म की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट और कीवी की खेती के विस्तार पर बल देते हुए कहा कि राज्य में इन उभरते फलों की खेती से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है, जिसके लिए किसानों को इस क्षेत्र से जोड़ने के प्रयास में तेजी लाय जाए।

रविवार को कैंप कार्यालय में हुई बैठक के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा जंगली जानवरों से होने वाला नुकसान तथा अतिवृष्टि के कारण बाढ़ या जलभराव से फसलों के नुकसान दोनों को फसल बीमा योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें दोनों परिस्थितियों में किसानों को अब भरपाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। काबीना मंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया।

विभागीय मंत्री गणेश जोशी ने बैठक के दौरान कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए “सी” ग्रेड माल्टा एवं पहाड़ी नींबू (गलगल) उत्पादकों को उनके फलों का उचित मूल्य प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों के हित में “सी” ग्रेड माल्टा का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹10.00 प्रति किलोग्राम (रुपये दस मात्र) तथा पहाड़ी नींबू (गलगल) का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹7.00 प्रति किलोग्राम (रुपये सात मात्र) निर्धारित किया गया है।

मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की इस व्यवस्था का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए खरीद प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और सुचारु रूप से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि फल उत्पादकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए खरीद केंद्रों की व्यवस्था, भुगतान प्रक्रिया सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए। उद्यान मंत्री जोशी ने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

बैठक में बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, औद्यानिकी विपणन बोर्ड के सीईओ नरेंद्र यादव उपस्थित रहे।

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