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मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन का निर्देश: प्रदेश में जल्द स्थापित होगा स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C)

मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में साईबर क्राइम को लेकर सचिव गृह एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर प्रदेश के साईबर अपराधों की स्थिति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने प्रदेश में स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) शीघ्र स्थापित किए जाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि इसे शीघ्र से शीघ्र नोटिफाई किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना से केन्द्र राज्य एवं जनपदों के मध्य आपसी सहयोग में आसानी होगी, पीड़ितों को शीघ्र से शीघ्र राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी साईबर पुलिस स्टेशनों को भी मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने 1930 हेल्पलाईन को भी मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि 1930 के रिस्पॉंस टाईम को कम करने के लिए 1930 कॉल सेंटर की मैनपावर बढ़ायी जाए। उन्होंने प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर सिस्टम को भी मजबूत किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने ई-जीरो एफआईआर को शत-प्रतिशत एफआईआर में परिवर्तन एवं इसका सीसीटीएनएस के साथ एकीकरण कार्य में तेजी लाये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर फ्रॉड हो जाने के बाद, जानकारी के अभाव में अधिकतर लोग न तो समय से शिकायत ही कर पाते हैं और न ही मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल का लाभ लेते हुए अपनी मनी वापस ले पाते हैं। उन्होंने इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा प्रो-एक्टिव होकर पीड़ितों की सहायता उपलब्ध कराए जाने की बात कही। कहा कि शिकायत निवारण मॉड्यूल और धनराशि वापसी मॉड्यूल के प्रति जनजागरूकता लाए जाने के लिए आमजन के बीच लगातार मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से संवाद किया जाए, ताकि आमजन साइबर फ्रॉड से बच सकें और फ्रॉड हो जाने पर पीड़ित को क्या-क्या करना है, इसकी जानकारी मिल सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि शिकायत निवारण मॉड्यूल (जीआरएम) पर प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साईबर क्राइम के दृष्टिगत पुलिस विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की कैपेसिटी बिल्डिंग करने के साथ ही, साईबर कमांडो की संख्या बढ़ाये जाने के निर्देश दिए।

 

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