आंध्र प्रदेश के कई नर्सिंग स्नातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर खुले हैं। राज्य के 45 नर्सिंग युवाओं का चयन जर्मनी में नौकरी के लिए हुआ है, जिन्हें हाल ही में अधिकारियों द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
विशेष भाषा और कौशल प्रशिक्षण
राज्य के युवाओं को विदेशों में रोजगार के योग्य बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत स्थानीय स्तर पर काम कर रहे नर्सिंग स्नातकों को जर्मन भाषा का प्रशिक्षण दिया गया। कुल 48 ऐसे उम्मीदवारों में से 45 ने सफलता हासिल की है जिन्हें बी-2 स्तर की भाषा पूरी करने के प्रमाण पत्र भी मिले। ये सभी चयनित पेशेवर आगामी फरवरी तक अलग-अलग समूहों में जर्मनी के लिए रवाना होंगे।
विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से बढ़ रहे अवसर
युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर रोजगार के द्वार खोलने के वास्ते कई योजनाएं और परियोजनाएं चलाई जा रही हैं:
- प्रोजेक्ट वसुधा: इसके जरिए नर्सिंग स्नातकों को मुफ्त जर्मन भाषा (बी-2 स्तर) का प्रशिक्षण दिया जाता है और जर्मनी में नर्सों की नौकरियों के लिए मार्ग प्रशस्त किया जाता है।
- सर्वसेतु: यह आईटीआई छात्रों को बुनियादी जर्मन (ए-1, ए-2) सिखाता है ताकि वे मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें।
- ब्लू डायमंड: इसके तहत हर साल श्रीलंका और अन्य केंद्रों के माध्यम से वेल्डर के पदों पर युवाओं को खाड़ी और यूरोपीय देशों में भेजने का लक्ष्य है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती मांग और सुविधाएं
विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए विदेश जा रहे हैं। जर्मनी में कार्यरत रहने वाली नर्सों को निर्धारित वेतन के साथ यात्रा और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं। इसके अलावा राज्य के सरकारी नर्सिंग कालेजों में हजारों विद्यार्थियों को जर्मन भाषा की शिक्षा दी जा रही है ताकि भविष्य में उन्हें भी ऐसे ही बेहतरीन अवसर मिल सकें।

