आंध्र प्रदेश में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया तय समय पर समाप्त हो गई है। राज्य सरकार को इस प्रक्रिया के दौरान कुल 13.40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें सबसे बड़ी संख्या वृद्धावस्था पेंशन के आवेदकों की है। आवेदन जमा करने की यह प्रक्रिया 7 सितंबर को शुरू हुई थी और शुक्रवार, 18 सितंबर को रात 9 बजे समाप्त हुई।
विभिन्न श्रेणियों में मिले आवेदन
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल प्राप्त 13.40 लाख आवेदनों में से अकेले वृद्धावस्था पेंशन के लिए 6.80 लाख लोगों ने आवेदन किया है। इसके अलावा, विधवा पेंशन के लिए 2.95 लाख और दिव्यांगजनों के लिए 1.84 लाख आवेदन दर्ज किए गए हैं। समाज के अन्य वर्गों से भी इस योजना के तहत काफी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं।
आवेदनों की इस सूची में अन्य श्रेणियों के लोग भी शामिल हैं। इनमें 58,000 मोची, 48,000 ‘डप्पू’ (ढोल) कलाकार, और 29,000 मछुआरे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ताड़ी निकालने वाले श्रमिकों के लिए 15,000 और हथकरघा बुनकरों के लिए 18,000 आवेदन मिले हैं। साथ ही, 7,500 एकल महिलाओं और 736 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने भी विभिन्न श्रेणियों के तहत पेंशन के लिए अपने आवेदन जमा किए हैं। शेष आवेदन अन्य निर्धारित पेंशन श्रेणियों के अंतर्गत आते हैं।
दस्तावेजों की जांच और वितरण की योजना
प्राप्त सभी आवेदनों की जांच का कार्य आगामी 24 सितंबर तक पूरा किया जाना तय किया गया है। सरकारी अनुमोदन के पश्चात नई पेंशन मंजूर की जाएंगी और लाभार्थियों को इनका वितरण 1 अक्टूबर से शुरू होने की योजना है। आवेदन प्रक्रिया की समय सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार रात सचिवालय में अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के तहत आने वाले एसईआरपी (SERP) और ग्राम एवं वार्ड सचिवालयों के अधिकारियों ने विभिन्न श्रेणियों में प्राप्त आवेदनों के विवरण की जानकारी दी। सरकार की पिछली घोषणा के अनुसार पेंशन का वितरण चरणबद्ध तरीके से किया जाना है।

