ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में ऊर्जा की पहुंच में हुई अभूतपूर्व वृद्धि की सराहना की है। उन्होंने यह बात न्यूयॉर्क में आयोजित एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट के एक कार्यक्रम के दौरान कही।
मानव इतिहास में सबसे बड़ी ऊर्जा पहुंच
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री अल्बनीज ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में जितने अधिक लोगों तक ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित हुई है, वैसी मिसाल मानव इतिहास में किसी अन्य देश, क्षेत्र या दशक में देखने को नहीं मिलती है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के माध्यम से इस बात की जानकारी मिली है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया के मजबूत संबंध
अल्बनीज ने इस अवसर पर दोनों देशों के बीच लगातार गहरे हो रहे द्विपक्षीय संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके संबंध काफी अच्छे हैं और दोनों राष्ट्रों के बीच आपसी सहयोग में लगातार विस्तार हो रहा है।
वैश्विक ऊर्जा संकट और भारत की स्थिति
ऑस्ट्रेलियाई नेता का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़े संघर्षों के प्रभाव से स्ट्रेट आफ होर्मुज से होने वाली पोतों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ा है। हालांकि इन सब के बावजूद भारत में ऊर्जा आपूर्ति काफी हद तक स्थिर बनी हुई है।
ऊर्जा स्रोतों में विविधता
भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात के स्रोतों को व्यापक बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। पहले भारत द्वारा कुल 27 देशों से ऊर्जा का आयात किया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 41 देशों तक पहुंचा दिया गया है। सरकार का यह निरंतर प्रयास रहा है कि देश भर में पेट्रोल और डीजल की सुचारु आपूर्ति बनी रहे।

