बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हो रहा मौसमी सिस्टम तेजी से ताकतवर होता जा रहा है, जिससे समुद्र में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ घंटों में यह गहरे डिप्रेशन में बदलकर एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। यदि यह सिस्टम चक्रवात में परिवर्तित होता है, तो इसे ‘अर्नब’ नाम दिया गया है, जिसका असर देश के लगभग आठ राज्यों में देखने को मिल सकता है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के लिए विशेष चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक यह मौसमी तंत्र पश्चिम-उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। अनुमान है कि यह 23 सितंबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों के करीब पहुंच जाएगा। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं। खराब मौसम और तूफानी हवाओं के कारण समुद्र की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है, जिसे लेकर प्रशासन और तटीय इलाकों को सतर्क कर दिया गया है।
कई राज्यों में दिखेगा असर और बारिश की संभावना
इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से बारिश का दायरा ओडिशा और आंध्र प्रदेश से फैलकर छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, विदर्भ और मध्य भारत तक जा सकता है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी इसका प्रभाव दिखने की पूरी संभावना है। झारखंड में 22 सितंबर से ही तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू होने की उम्मीद है। वहीं बिहार में 24 से 26 सितंबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25-26 सितंबर के आसपास गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
खरीफ फसलों को भारी नुकसान की आशंका
इस संभावित चक्रवाती तूफान और लगातार बारिश का सबसे बुरा असर खेतों में खड़ी खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। धान की फसल के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन तेज हवाओं के कारण इसके खेतों में गिरने की आशंका है। धान के अलावा मक्का, सोयाबीन और विभिन्न दलहनी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

