Site icon Memoirs Publishing

वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने बढ़ाई भारत के वित्त वर्ष 2027 की जीडीपी विकास दर का अनुमान

वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने बढ़ाई भारत के वित्त वर्ष 2027 की जीडीपी विकास दर का अनुमान

प्रमुख वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने मजबूत आर्थिक प्रदर्शन को देखते हुए भारत के विकास अनुमानों में संशोधन किया है। एसएंडपी और फिच जैसी एजेंसियों ने जून तिमाही के दौरान बेहतर आर्थिक गतिविधियों के आधार पर वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि के अनुमान में बढ़ोतरी की है।

जीडीपी विकास अनुमानों में संशोधन

एसएंडपी ने भारत की चालू वित्त वर्ष की विकास दर के अनुमान को पहले के 6.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। इसी तरह, फिच रेटिंग्स ने भी अपने पिछले अनुमान को संशोधित करते हुए इसे 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा, एशियन डेवलपमेंट बैंक और मूडीज रेटिंग्स ने भी देश के विकास अनुमानों को 7 प्रतिशत कर दिया है, जिससे भारत जी20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बन गया है।

जून तिमाही का मजबूत प्रदर्शन

भारतीय अर्थव्यवस्था ने जून तिमाही में मजबूत औद्योगिक गतिविधियों, बेहतर खपत, मजबूत माल निर्यात और तेज सरकारी निवेश के दम पर उम्मीद से अधिक 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। हालांकि, विनिर्माण और सेवाओं के क्षेत्र में सुस्ती तथा कम मानसून वर्षा के कारण वित्त वर्ष के बाकी महीनों में वृद्धि की गति थोड़ी धीमी होने की संभावना जताई गई है।

मुद्रास्फीति और ब्याज दरों पर अनुमान

फिच का अनुमान है कि अल्पावधि में महंगाई बढ़ सकती है और इस साल दिसंबर तक कुल मुद्रास्फीति 5.5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। बढ़ते दबाव और मजबूत मांग को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस वर्ष नीतिगत ब्याज दरों में कम से कम 25 आधार अंकों की वृद्धि कर सकता है।

Exit mobile version