उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में हाल ही में मिले एक अज्ञात व्यक्ति के शव के मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मृतक की पहचान बिजनौर निवासी 50 वर्षीय गोपाल के रूप में हुई है, जिसकी हत्या अवैध संबंधों और लगातार मिल रही धमकियों के कारण की गई थी। इस मामले में पुलिस ने नरेंद्र और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
जंगल में मिला था अज्ञात शव
बीते 17 सितंबर की सुबह दूधियाबंद बस्ती के पास जंगल में एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। मृतक के पास से बिजनौर की बस का टिकट तो मिला, लेकिन पहचान का कोई दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने आसपास के थानों में फोटो भेजकर शिनाख्त के प्रयास किए, जिसके बाद 20 सितंबर को परिजनों ने हरिद्वार पहुंचकर शव की पहचान गोपाल पुत्र उमा चरण के रूप में की। इसके बाद मृतक के बेटे की शिकायत पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।
अस्पताल में हुई थी मुलाकात और ऐसे बढ़ी नजदीकियां
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी नरेंद्र का मेरठ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उसकी पत्नी की मुलाकात गोपाल से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत शुरू हुई और नजदीकियां बढ़ गईं। पुलिस के अनुसार, गोपाल महिला पर लगातार परिवार को छोड़कर साथ रहने का दबाव बना रहा था और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी भी दे रहा था। इस बात से परेशान होकर नरेंद्र और उसकी पत्नी ने हत्या की साजिश रची।
गंगा घाट पर दिया गया वारदात को अंजाम
योजना के तहत 16 सितंबर को महिला ने गोपाल को हरिद्वार बुलाया और उसे गंगा घाट पर ले गई। वहां नरेंद्र और अन्य लोग पहले से मौजूद थे। गोपाल के शराब और खाना खाने के बाद सोने की स्थिति में आरोपियों ने धारदार हथियारों से उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसका मोबाइल और पर्स गंगा में फेंक दिया गया। पुलिस ने मोतीचूर रेलवे स्टेशन से पति-पत्नी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

