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छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से खारुन नदी उफान पर, रायपुर-दुर्ग मार्ग बंद

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से खारुन नदी उफान पर, रायपुर-दुर्ग मार्ग बंद

छत्तीसगढ़ राज्य में पिछले कुछ दिनों से जारी लगातार भारी बारिश के कारण कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। राजधानी रायपुर में स्थिति तब और गंभीर हो गई जब खारुन नदी पर बना महादेव घाट पुल पूरी तरह से जलमग्न हो गया। पानी इस पुल के ऊपर से बह रहा है, जिसके चलते अधिकारियों को रायपुर को दुर्ग से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग को पूरी तरह से बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

महादेव घाट पुल पर गंभीर स्थिति और सुरक्षा उपाय

महादेव घाट पर जलस्तर बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एहतियात के तौर पर घटनास्थल पर प्रशासन और पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी नागरिक या वाहन चालक उफनती हुई नदी और डूबे हुए पुल के करीब न जाए। रायपुर की तरफ से आने वाले यातायात को केवल महादेव घाट चौराहे तक की अनुमति दी जा रही है और उससे आगे के मार्ग पर बैरिकेडिंग कर रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, नदी के बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में वहां एकत्र हो गए हैं, जिन्हें पुलिस लगातार सतर्क रहने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रही है।

यातायात और स्थानीय लोगों पर प्रभाव

इस मार्ग के अचानक बंद होने से दैनिक यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पुल से रोजाना भारी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, और मार्ग बंद होने से हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। स्थानीय निवासियों ने पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि इससे पहले साल 2016 में भी कई दिनों की भारी बारिश के बाद ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला था जब यह पुल जलमग्न हो गया था। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कई लोगों ने नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच जल संरक्षण और भविष्य की गंभीर स्थितियों से निपटने के लिए उचित सरकारी योजनाओं की आवश्यकता पर भी अपनी बात रखी है, जिसमें नदी के तल में जमा सिल्ट की समस्या का समाधान शामिल है।

राज्य के अन्य हिस्सों में राहत कार्य

राजधानी रायपुर के अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी मूसलाधार बारिश का असर देखने को मिला है। बस्तर संभाग के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात के बीच राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग पूरे मामले पर पैनी नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

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