कुमाऊँ विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राएँ वर्तमान में नोएडा स्थित राष्ट्रीय संस्थान में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों और वैज्ञानिक अनुसंधान प्रक्रियाओं से रूबरू कराने के लिए आयोजित किया गया है। जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिससे वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ जमीनी स्तर की वैज्ञानिक गतिविधियों को भी समझ पा रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और अवधि
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कुल 12 दिनों तक संचालित हो रहा है, जिसकी शुरुआत 14 सितंबर से हुई थी और यह 25 सितंबर 2026 तक चलेगा। कमल जगाती जे. सी. बोस परिसर, भीमताल के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के छात्र इस दल का हिस्सा हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. वीना पांडे के कुशल निर्देशन में छात्र इस कार्यक्रम में पूरी तन्मयता से भाग ले रहे हैं। इसके अलावा, विभाग की ओर से डॉ. रागिनी पंत भी विद्यार्थियों के साथ इस यात्रा पर मौजूद हैं, जो इस दौरान उनका लगातार मार्गदर्शन कर रही हैं और उनकी शैक्षणिक जिज्ञासाओं का संतोषजनक समाधान कर रही हैं।
व्यावहारिक ज्ञान और अनुसंधान पर विशेष जोर
इस शैक्षणिक दौरे और प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर, जैव प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक पहलुओं से गहराई से अवगत कराना है। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने का मौका मिल रहा है। इसके साथ ही, वे प्रयोगशाला के विभिन्न उन्नत उपकरणों के साथ काम करने का अवसर भी पा रहे हैं और अनुसंधान विधियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।
विद्यार्थियों के आत्मविश्वास में होगी वृद्धि
विभाग की प्रमुख डॉ. वीना पांडे का मानना है कि इस प्रकार के व्यावहारिक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों के भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं। इस तरह के आयोजनों से न केवल उनकी अनुसंधान क्षमता में सुधार होता है, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं के लिए आधुनिक प्रयोगशालाओं में इस तरह का कार्य करना उनके करियर को एक नई दिशा प्रदान करता है।

