पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले राजनीतिक खेमे को एक और बड़ा झटका लगा है। मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट से ममता कैंप के उम्मीदवार रबीुल आलम चौधरी ने चुनावी मैदान से हटने की घोषणा कर दी है। इससे पहले नंदीग्राम सीट से भी उम्मीदवार द्वारा उम्मीदवारी वापस लेने का मामला सामने आ चुका है।
कार्यकर्ताओं पर दबाव और गिरफ्तारी का आरोप
रबीुल आलम चौधरी ने अपना नाम वापस लेने के पीछे ज़मीनी स्तर पर आ रही भारी दिक्कतों का हवाला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके वफादार कार्यकर्ताओं पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, जिसके चलते समर्थकों को एकजुट करना बेहद कठिन हो गया था।
पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न बदलने का असर
उम्मीदवार ने यह भी बताया कि चुनाव आयोग द्वारा पार्टी के मूल नाम और ‘जुड़वां फूल’ चुनाव चिह्न पर रोक लगाए जाने के बाद कम समय में नए नाम और नए चुनाव चिह्न के साथ प्रचार करना और समर्थन जुटाना संभव नहीं था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के साथ चर्चा की थी और शीर्ष नेतृत्व की पूरी जानकारी के साथ ही उम्मीदवारी वापस लेने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग के निर्देश के बाद ममता कैंप को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था। इस उपचुनाव के लिए नाम वापस लेने का अंतिम दिन तय किया गया था, जिसके चलते अब प्रशासनिक भवन में औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

