उत्तराखंड पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मेडिकल और अन्य उच्च शिक्षण पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिलाने वाले रैकेट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में एसआईटी ने मध्य प्रदेश के भोपाल से एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 37 वर्षीय धीरज कुमार श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो भोपाल का रहने वाला है।
फर्जी दस्तावेजों और कमीशन का खेल
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी धीरज कुमार श्रीवास्तव फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराने और छात्रों को विभिन्न कॉलेजों में दाखिला दिलाने के बदले कमीशन के तौर पर मोटी रकम वसूलता था। यह पूरा मामला फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार करवाकर उनका इस्तेमाल एमबीबीएस दाखिलों में करने से जुड़ा हुआ है। इस सिलसिले में सितंबर के मध्य में रायपुर और क्लेमेनटाउन थानों में मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिसके बाद से पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
अन्य आरोपियों से जुड़े तार और बरामदगी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि धीरज श्रीवास्तव इस मामले में पहले गिरफ्तार किए जा चुके रूपेश पंडित के संपर्क में था। पुलिस इस मामले में रूपेश पंडित और अरविंद कुमार को पहले ही दबोच चुकी है। एसआईटी ने कार्रवाई के दौरान आरोपी धीरज के पास से 5.58 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की है। शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि तीन अलग-अलग अभ्यर्थियों के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए थे, जिनकी मदद से फर्जी प्रमाणपत्र बनाए गए थे।
विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश का नेटवर्क
एसआईटी की छानबीन में यह भी खुलासा हुआ है कि भोपाल में एमबीबीएस प्रवेश से जुड़ा एक कार्यालय संचालित किया जाता था, जिसके नेटवर्क से धीरज जुड़ा हुआ था। इस नेटवर्क के जरिए मेडिकल के अलावा बीटेक, बीसीए, बीबीए और बीकॉम जैसे अन्य पाठ्यक्रमों में भी कमीशन लेकर प्रवेश कराए जाने की जानकारी मिली है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की संलिप्तता और इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है।

