देश के उत्तर-पश्चिम हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लौटने की संभावना के बीच नमी कम होने और शुष्क हवाएं चलने से वर्षा गतिविधियों में कमी आने का अनुमान लगाया गया है।
अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास डिप्रेशन
उत्तर अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-उत्तर पश्चिम की ओर आगे बढ़ते हुए एक डिप्रेशन में तब्दील हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, इस मौसमी प्रणाली के अगले कुछ घंटों में और अधिक गहरा होकर डिप्रेशन या गहरे डिप्रेशन में बदलने की पूरी संभावना है। यह सिस्टम म्यांमार तट से होते हुए पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश तट की तरफ आगे बढ़ सकता है।
उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के कारण ढलानों पर भूस्खलन का जोखिम बना हुआ है, इसलिए स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने के आसार हैं।
दक्षिण और अन्य क्षेत्रों में मौसम का हाल
उत्तर भारत में मॉनसून भले ही कमजोर पड़ रहा हो, लेकिन दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और कराईकल के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में गरज के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। समुद्र में भी तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए मछुआरों और नाविकों को सतर्क रहने को कहा गया है।

