उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र और भारत के प्रथम गांव माणा से देशव्यापी नशामुक्त भारत अभियान का औपचारिक आगाज किया गया है। बद्री विशाल की धरती पर आयोजित देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान इस मुहिम की शुरुआत की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के बुरे प्रभावों से बचाना और समाज में जागरूकता फैलाना है।
माणा गांव से देश तक पहुंचेगा संदेश
सजग इंडिया की ओर से शुरू किए गए इस अभियान को ‘गंगा से गंगासागर तक और कश्मीर से कन्याकुमारी तक नशामुक्ति का संदेश’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना, गढ़वाल स्काउट, एनसीसी कैडेट्स और स्थानीय नागरिकों सहित पांच सौ से अधिक लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अभियान के तहत आम जनता और युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने की युवाओं से संवाद की अपील
देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। उन्होंने स्थानीय लोगों, युवाओं और सेना के जवानों से बातचीत करते हुए समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूरी बनाकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, खेल और अन्य सकारात्मक गतिविधियों में लगाएं।
अनेक वर्षों से चल रहा है जन-जागरूकता का कार्य
सजग इंडिया के अध्यक्ष ललित जोशी पिछले अठारह वर्षों से अधिक समय से ‘युवा संवाद’ कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान राज्य के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में लगातार संवाद सत्र आयोजित किए गए हैं। अब तक सोलह सौ से अधिक शिक्षण संस्थानों में यह अभियान पहुंचाया जा चुका है और लाखों युवाओं से सीधे संवाद किया गया है। लंबे समय से चल रहे इन प्रयासों को देखते हुए सजग इंडिया के अध्यक्ष को ‘नशा मुक्त मित्र 2026’ सम्मान से भी नवाजा गया है।

