मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर खामियों के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजनीतिक दलों ने तीखा रुख अपना लिया है। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाने और गिरफ्तारी की मांग करते हुए महाभियोग लाने तथा सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का बड़ा फैसला किया है।
विपक्ष का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने रणनीति के तहत सभी राज्यों की राजधानियों में राज्य चुनाव आयोग के कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत हटाने और गिरफ्तार करने की मांग उठाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही देश की सभी जिला इकाइयों को संबंधित जिलों में कलेक्ट्रेट कार्यालयों तक इसी तरह के बड़े विरोध मार्च निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी
कांग्रेस के नेताओं ने संसद सत्र के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की पुष्टि की है। इस प्रक्रिया में अन्य विपक्षी दलों जैसे तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और आम आदमी पार्टी को भी साथ लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची की प्रक्रिया और फैसलों को लेकर उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
रणनीति तय करने के लिए बैठक
सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगातार दबाव बनाए रखने के लिए विपक्षी दलों द्वारा आगे की रणनीतियों पर विचार किया जा रहा है। पार्टी स्तर पर उच्च स्तरीय बैठकों के माध्यम से विरोध प्रदर्शनों की रूपरेखा तैयार की जा रही है ताकि इस पूरे मामले को लेकर आक्रामक रुख बरकरार रखा जा सके।

