पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और पुलवामा से विधायक वहीद-उर-रहमान पारा को अपने जन्मदिन के दिन राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण यानी एनआईए अदालत में पेश होना पड़ा। वह वर्तमान में एक यूएपीए मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, जिसके तहत उन्हें अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी पड़ी। अदालत में पेश होने के बाद उन्होंने उसी दिन बाद में जम्मू-कश्मीर विधानसभा की कार्यवाही में भी हिस्सा लिया।
जन्मदिन पर अदालत की पेशी और राजनीतिक विडंबना
अपना 38वां जन्मदिन मना रहे विधायक ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी इस स्थिति को साझा किया। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि एक तरफ उन्हें विधानसभा के भीतर जनता की आवाज उठानी चाहिए, वहीं दूसरी طرف उन्हें एनआईए अदालत में सुनवाई का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, यह स्थिति क्षेत्र के राजनीतिक हालात की एक बड़ी और कठिन विडंबना को दर्शाती है।
यूएपीए मामले से जुड़ा कानूनी सफर
यह पूरा मामला श्रीनगर के काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर पुलिस स्टेशन में वर्ष 2020 में दर्ज की गई एक प्राथमिकी से जुड़ा हुआ है। इस मामले की सुनवाई श्रीनगर स्थित विशेष अदालत में चल रही है। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में सुनवाई और आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह फिलहाल अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के चरण में है। इससे पहले इस मामले में उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें जमानत भी दी जा चुकी है और मामला अभी विचाराधीन है।
विधानसभा की कार्यवाही में सक्रियता
अदालत की कार्यवाहियों के समानांतर, वहीद पारा जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सत्र में भी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान आरक्षण ढांचे और राजनीतिक प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों और मुद्दों पर अपनी बात रखी है। जनप्रतिनिधि के रूप में उनका यह सफर अदालती कार्यवाहियों और विधायी जिम्मेदारियों के बीच चल रहा है, जिसे उन्होंने संघर्ष और बदलाव के दौर के रूप में रेखांकित किया है।

