केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बहुचर्चित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के मामले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एजेंसी ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के करीबी सहयोगी संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पण के बाद भारत में गिरफ्तार कर लिया है।
सोमवार को प्रत्यर्पित किए जाने के बाद, सीबीआई ने मंगलवार को औपचारिक रूप से संदीप मिस्त्री को मुंबई में अपनी हिरासत में लिया। इसके बाद आरोपी को एक विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह पूरी कार्रवाई नवंबर 2025 में विशेष अदालत द्वारा जारी किए गए गैर-जमानती वारंट के आधार पर की गई है।
हांगकांग की कंपनी का था निदेशक
जांच एजेंसी के अनुसार, संदीप मिस्त्री भगोड़े नीरव मोदी की हांगकांग स्थित कंपनी ‘फैंसी क्रिएशंस लिमिटेड’ में निदेशक के पद पर कार्यरत था। सीबीआई का आरोप है कि मिस्त्री ने नीरव मोदी और अन्य मुख्य आरोपियों के साथ मिलकर एक गहरी आपराधिक साजिश रची थी, जिसके माध्यम से पंजाब नेशनल बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया।
13,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप
इस पूरे प्रकरण में बैंक अधिकारियों की कथित मिलीभगत से मुंबई की ब्रैडी हाउस पीएनबी शाखा के जरिए फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) जारी कर 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है।
- संदीप मिस्त्री पर बैंक के करीब 6,498.20 करोड़ रुपये के गबन की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
- एजेंसी का दावा है कि भारत में मामला दर्ज होने के बाद मिस्त्री ने नीरव मोदी के भाई नेहल और अन्य के साथ मिलकर दुबई स्थित कंपनियों के डमी कर्मचारियों को देश छोड़ने की धमकी दी थी।
- आरोपियों पर साक्ष्यों को मिटाने के उद्देश्य से अपने मोबाइल फोन नष्ट करने का भी आरोप है।

