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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी जांच पूरी होने पर जल्द दाखिल होगी चार्जशीट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी जांच पूरी होने पर जल्द दाखिल होगी चार्जशीट

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि विशेष जांच दल (SIT) की जांच प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इस मामले में निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच से जुड़े सभी तथ्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि मामले में उचित कार्रवाई की जा सके।

सुप्रीम कोर्ट में दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

शीर्ष अदालत में हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ के समक्ष पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि पहली गिरफ्तारी की तारीख से नब्बे दिनों की कानूनी अवधि 25 सितंबर को समाप्त हो रही है। इस समय सीमा को ध्यान में रखते हुए, यदि उससे पहले आरोप पत्र दाखिल नहीं किया जाता है, तो कानून के तहत प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसे देखते हुए सरकार ने आश्वासन दिया कि निर्धारित अवधि के भीतर याचिका व चार्जशीट से संबंधित कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।

एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट और सीसीटीवी खुलासे

सुनवाई के दौरान विशेष जांच दल ने न्यायाधीशों को अपनी एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट सौंपी, जिसका पीठ ने अवलोकन किया। इस रिपोर्ट में जांच से जुड़ी कई अहम जानकारियां शामिल थीं। रिपोर्ट के अनुसार, जब सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई, तो उसमें चढ़ावा चोरी की कुल 105 घटनाएं सामने आईं। इसके अतिरिक्त, आरोपियों की सही पहचान करने के लिए वीडियो फुटेज, गवाहों के बयानों और अन्य एकत्रित साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया है। इन सभी साक्ष्यों और जानकारियों को अदालत ने अपने रिकॉर्ड में शामिल कर लिया है।

कानूनी प्रक्रिया और आगे की सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अब एसआईटी द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद, इस मामले में मजिस्ट्रेट या संबंधित अदालत कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करें। अदालत ने यह भी साफ किया कि इस मामले में शामिल धाराओं की प्रकृति को देखते हुए आगे की सुनवाई एडिशनल सेशंस जज द्वारा की जाएगी, न कि सामान्य मजिस्ट्रेट स्तर पर। जांच एजेंसी और संबंधित अधिकारी सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए अपनी रिपोर्ट और आरोप पत्र तय समय के भीतर प्रस्तुत करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

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