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गाडे साईं कृष्णा हिरासत मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस से किए तीखे सवाल

गाडे साईं कृष्णा हिरासत मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस से किए तीखे सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने गाडे साईं कृष्णा की पुलिस हिरासत में मौत के बहुचर्चित मामले को अपने संज्ञान में ले लिया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के समक्ष चल रही कार्यवाही पर रोक लगाते हुए राज्य पुलिस से कई अहम और तीखे सवाल किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच के कड़े निर्देश

मामले की सुनवाई कर रही तीन जजों की बेंच ने आंध्र प्रदेश पुलिस से मुख्य रूप से यह सवाल किया कि घटना की एफआईआर दर्ज करने में इतनी देरी क्यों की गई। इसके अलावा, अदालत ने यह भी पूछा कि हिरासत में लेने के बाद साईं कृष्णा को समय पर मजिस्ट्रेट के सामने पेश क्यों नहीं किया गया था। सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज को कथित तौर पर हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए।

अदालत ने आदेश दिया है कि इस केस से जुड़े सभी रिकॉर्ड सीलबंद लिफाफे में जमा किए जाएं। साथ ही इस कानूनी प्रक्रिया में सीबीआई को भी एक पक्ष के तौर पर शामिल किया गया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई आगामी तारीख पर करेगा।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मई महीने में गाडे साईं कृष्णा को एक गैर-जमानती वारंट के आधार पर टास्क फोर्स के कर्मियों द्वारा हिरासत में लिया गया था और उन्हें कृष्णालंका पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। आरोप है कि थाने के भीतर उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें एक सुनसान इमारत में ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। इसके पश्चात उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

राजनीतिक हलचल और याचिका

इस गंभीर मामले को लेकर वाईएसआरसीपी सांसद मड्डिला गुरुमूर्ति ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। इस बीच, विपक्षी दलों और सत्तापक्ष के बीच इस घटना को लेकर राजनीतिक माहौल भी काफी गरमाया हुआ है।

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