तेलंगाना उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसले में खैरताबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक दानाम नागेंदर को दलबदल कानून के प्रावधानों के तहत अयोग्य घोषित कर दिया है। अदालत के इस निर्णय के बाद संबंधित सीट को रिक्त घोषित करते हुए इस बारे में विधानसभा अध्यक्ष और निर्वाचन आयोग को अवगत करा दिया गया है।
स्पीकर का आदेश हुआ खारिज
मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार के उस पुराने आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें नागेंदर की अयोग्यता की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।
क्या थी पूरा मामला और याचिकाएं
बता दें कि विधायक दानाम नागेंदर ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था, लेकिन बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव भी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था।
इस दलबदल के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल के नेता आलेटी महेश्वर రెడ్డి और बीआरएस विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि नागेंदर ने संविधान की दसवीं अनुसूची और नियमों का उल्लंघन किया है।
सबूतों और अदालत की कार्रवाई
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि दलबदल से जुड़े पर्याप्त सबूत सौंपे जाने के बावजूद स्पीकर के ट्रिब्यूनल ने पर्याप्त साक्ष्य न होने का हवाला देते हुए मार्च में याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उच्च न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अपना फैसला सुनाया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री केटी रामा राव ने इस अदालती फैसले का स्वागत किया है और सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

