ऊधम सिंह नगर जिले में फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास, जाति और अन्य महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र जारी किए जाने के मामलों में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। बाजपुर और गदरपुर तहसील क्षेत्रों में दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान लापरवाही पाए जाने पर दो राजस्व उप निरीक्षकों यानी पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों की संस्तुति और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
बाजपुर तहसील में फर्जी जाति और निवास प्रमाणपत्र प्रकरण
बाजपुर तहसील क्षेत्र में एसडीएम द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बनाए गए स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्रों का मामला पकड़ा गया था। जांच के बाद इन फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त कर दिया गया है। इस सिलसिले में बरहैनी क्षेत्र के लेखपाल की शिकायत पर नगर पंचायत अध्यक्ष सहित कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है और कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। बिरिया पटवारी सर्किल में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद संबंधित पटवारी मोहम्मद अजमल खान से स्पष्टीकरण मांगा गया था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें सेवा नियमावली के तहत निलंबित कर दिया गया।
गदरपुर में एमबीबीएस प्रवेश से जुड़ा मामला
गदरपुर तहसील क्षेत्र में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल से जुड़ा मामला सामने आया है। गोविंदपुर क्षेत्र के राजस्व उप निरीक्षक सरताज अली को अभिलेखों के सत्यापन में लापरवाही का दोषी पाया गया। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट और एसडीएम की संस्तुति के बाद जिला प्रशासन ने इन्हें निलंबित करते हुए तहसील मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।
प्रशासन की सख्ती से राजस्व विभाग में हड़कंप
जिले की दो अलग-अलग तहसीलों में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद से राजस्व विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रमाणपत्रों के सत्यापन और उन्हें जारी करने की प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामलों में आगे की कानूनी और विभागीय जांच जारी है।

