उत्तराखंड उच्च न्यायालय में किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनावों को लेकर चल रहे मामले की सुनवाई पूरी हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने न्यायालय को जानकारी दी है कि दोनों नगर पालिकाओं में मतदान के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है और वोटिंग तय कार्यक्रम के अनुसार होगी। हालांकि, मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद होने वाली मतगणना पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाई गई है। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए पांच अक्टूबर की तारीख तय की गई है।
विकास कार्य प्रभावित होने का उठाया गया था मुद्दा
याचिकाकर्ताओं की ओर से न्यायालय में यह पक्ष रखा गया था कि अन्य क्षेत्रों में चुनाव काफी पहले संपन्न हो चुके हैं, लेकिन उनके यहां चुनाव लंबे समय से नहीं कराए जा रहे थे। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि स्थानीय स्तर पर चुनाव न होने की वजह से क्षेत्र के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और आम नागरिकों के नगर पालिका से जुड़े जरूरी काम भी अटके पड़े हैं। मामले में किच्छा के स्थानीय नागरिकों की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया गया था।
आरक्षण और रोस्टर पर भी दिए गए तर्क
दाखिल की गई याचिका में अध्यक्ष पदों के आरक्षण और रोस्टर निर्धारण को लेकर भी सवाल खड़े किए गए थे। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि नियमों के मुताबिक कुल पदों के आधार पर रोस्टर बनना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके अलावा, पूर्व में कुछ क्षेत्रों को नगर पालिका में शामिल करने और फिर विवाद सामने आने के बाद चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की बात भी कही गई। तमाम दलीलों और सुनवाई के बाद अब न्यायालय के आगामी निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।

