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उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में निदेशक भर्ती नियमों में बदलाव पर उठे सवाल

उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में निदेशक भर्ती नियमों में बदलाव पर उठे सवाल

वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के परिसर संस्थानों में निदेशक पदों की भर्ती के लिए जारी नए विज्ञापन ने प्रक्रिया और नियमों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। वर्ष 2026 के इस विज्ञापन में निदेशक पदों को केवल प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरने का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए आगामी 25 सितंबर को साक्षात्कार प्रस्तावित हैं। इस पूरी व्यवस्था को लेकर अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या इसके लिए कोई नया नियम या सक्षम स्वीकृति ली गई है।

भर्ती प्रक्रिया में क्या हुए हैं बड़े बदलाव

उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2024 के विज्ञापन में निदेशक पद की नियुक्ति को संविदात्मक प्रकृति का बताया गया था जिसमें सीधी भर्ती का प्रावधान था। उस समय तीन वर्ष का कार्यकाल, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के नियमों के अनुसार योग्यता और अधिकतम 57 वर्ष की आयु सीमा तय की गई थी। इसके अलावा 2023 और 2024 की प्रक्रिया में निजी या सरकारी संस्थानों से जुड़े कोई भी योग्य अभ्यर्थी आवेदन कर सकते थे और यह केवल प्रतिनियुक्ति तक सीमित नहीं थी।

इसके विपरीत, वर्ष 2026 के विज्ञापन में इसे केवल प्रतिनियुक्ति के आधार पर सीमित करते हुए केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी विश्वविद्यालयों या शोध संस्थानों में कार्यरत प्रोफेसरों के लिए अतिरिक्त शर्तें जोड़ी गई हैं। साथ ही, अधिकतम आयु सीमा को भी 57 वर्ष से घटाकर 55 वर्ष कर दिया गया है।

वैधानिक नियमों और पारदर्शिता पर ध्यान

विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत अधिकारियों की नियुक्ति के लिए नियम और विनियम बनाने का प्रावधान है, लेकिन मौजूदा दस्तावेजों में इस अनिवार्य प्रतिनियुक्ति व्यवस्था का स्पष्ट आधार सामने नहीं आता है। विज्ञापन में एक तरफ इसे प्रतिनियुक्ति आधार बताया गया है तो दूसरी तरफ इसे संविदात्मक प्रकृति का भी कहा गया है, जिससे दोनों व्यवस्थाओं के बीच कानूनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही है।

यह पूरा मामला किसी व्यक्ति विशेष से जुड़ा न होकर पूरी तरह से वैधानिक प्रक्रिया, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने से संबंधित है। विज्ञापनों और नियमों का तुलनात्मक परीक्षण करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है ताकि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ सके।

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