उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के मोरी और भटवाड़ी क्षेत्रों में भालुओं का आतंक लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक तरफ गोविंद पशु विहार राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में भालू सेब बागानों को उजाड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ भटवाड़ी के नटीण गांव में भालू ने वन विभाग के एक कर्मचारी पर हमला कर दिया। इन घटनाओं के कारण स्थानीय ग्रामीणों और बागवानों के बीच भारी दहशत का माहौल बना हुआ है।
सेब के बागानों में तबाही
गोविंद पशु विहार पार्क क्षेत्र की रूपिन रेंज के अंतर्गत आने वाले मसरी, भीतरी और सदना तोक में भालुओं ने सेब के पेड़ों की टहनियां तोड़कर तैयार फसल को पूरी तरह चौपट कर दिया है। काश्तकारों का कहना है कि हर साल सेब के सीजन में भालू बागानों में घुसकर भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। किसानों ने लंबे समय से पार्क प्रशासन से बागानों की सुरक्षा के लिए मजबूत घेरबाड़ कराने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
वनकर्मी पर हमला और सुरक्षा की मांग
भटवाड़ी विकासखंड के नटीण गांव में एक अन्य घटना के दौरान भालू ने वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी मंगल सिंह पोखरियाल पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल उत्तरकाशी रेफर किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। बागवानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर उचित मुआवजा देने और जंगलों के पास स्थायी सुरक्षा प्रबंध करने की पुरजोर मांग की है।

