उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड में कोटगांव-कलाप मोटर मार्ग पिछले एक महीने से यातायात के लिए पूरी तरह से बंद पड़ा है। इस पंद्रह किलोमीटर लंबे मार्ग के आठवें किलोमीटर के पास बादल फटने की एक गंभीर घटना घटी थी, जिसके परिणामस्वरुप लगभग सौ मीटर लंबी सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर बह गई थी। इस महत्वपूर्ण मार्ग के बंद हो जाने के कारण कलाप क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के लोगों की मोटर आवाजाही पर गहरा असर पड़ा है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पैदल रास्तों की मरम्मत और अधिकारियों के बयान
मोटर मार्ग के लंबे समय से बंद रहने के बावजूद विभाग ने स्थिति को संभालते हुए क्षेत्र के पैदल रास्तों की समय पर मरम्मत करा दी है। इन रास्तों को अब चलने और आवाजाही के लिए पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया गया है। हालांकि, गाड़ियों की आवाजाही के लिए मुख्य मोटर मार्ग को फिर से शुरू करने के वास्ते अभी वन भूमि की औपचारिक स्वीकृति मिलने और प्रशासनिक बजट की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।
सड़क निर्माण और बहाली की योजना
वाप्कोस मोरी के अधिशासी अभियंता आशीष चौधरी के अनुसार, इस अत्यधिक क्षतिग्रस्त हिस्से में नए सिरे से सड़क की कटिंग करके मार्ग को दोबारा तैयार किया जाना है। इस आवश्यक कार्य को पूरा करने के लिए वन भूमि की स्वीकृति की प्रक्रिया अभी चल रही है। इसके साथ ही एसडीआरएफ मद से मिलने वाले संभावित बजट के लिए एक विस्तृत प्राक्कलन जिला प्रशासन के पास भेजा जा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आगामी एक सप्ताह से दस दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू होने की पूरी संभावना है।
प्रशासनिक जिम्मेदारी और ग्रामीणों की मांग
दूसरी ओर, पीएमजीएसवाई पुरोला के अधिशासी अभियंता योगेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सड़क की बहाली के लिए लगभग 38 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार करके भेजा गया है। पंद्रह सितंबर तक इस मार्ग की स्थिति की निगरानी संबंधित विभाग द्वारा की जा रही थी, और उसके बाद इसकी बहाली की पूरी जिम्मेदारी वाप्कोस मोरी को सौंप दी गई है। क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के समक्ष यह प्रमुख मांग रखी है कि इस लंबे समय से बंद पड़े मार्ग को अतिशीघ्र ठीक कराया जाए ताकि वाहनों की आवाजाही को दोबारा सुचारू किया जा सके।

